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शाहाबाद हिंदू नव संवत्सर एवं चैत्र नवरात्रि महापर्व के मौके पर नगरकोट मंदिर पहुंच रहे श्रद्धालु मेले का होगा आयोजन

 

शाहबाद. उपखंड मुख्यालय शाहाबाद ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध है दूर-दूर से यहां पर दर्शन करने आते हैं तथा अपने पूर्वजों की भूमि शाहाबाद पर कथा आयोजन आदि को कराने के लिए सरस्वती पाठ आदि के लिए शाहबाद कस्बे में प्राचीन स्थानों पर भीड़ लगी रहती है जिसमें सबसे अधिक लोग नगरकोट माता जी के मंदिर पर पहुंचते हैं बारा जिले एवं दूर-दराज से माताजी के दर्शन करने और प्राकृतिक छटा का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं।


पहाड़ी की तलहटी में बना है माताजी मंदिर//
मंदिर पर लगे शिलालेख के अनुसार जब शाहाबाद का कस्बे की पहाड़ी पर किले की नींव राजा मुकुट मणि देव ने 1521 रखी गई थी उसी समय शाहबाद नगर की सुरक्षा के लिए चारों तरफ परकोटा राजा द्वारा बनवाया गया था जो आज भी मौजूद है उसके बाहर नगरकोट माताजी की स्थापना की गई जब इसे इस स्थान का नाम नगर कोर्ट माताजी पड़ा जब भी श्रीनगर की सुरक्षा एवं सुख शांति के लिए माताजी की स्थापना की गई थी

तीन बार हो चुका है मंदिर का जीर्णोद्धार// नगरकोट माता जी के मंदिर का जीर्णोद्धार तीन बार हो चुका है जिसमें तीसरी बात को खनन एवं गोपालन मंत्री प्रमोद भाया जैन द्वारा 2 नवंबर 2003 मैं करवाया गया था उस समय प्रमोद भाया जैन बारा जिले मैं उप जिला प्रमुख के पद पर थे जब ही से प्रमोद भाया जैन द्वारा मंदिर पर विशेष ध्यान दिया गया और नए भवन निर्माण आदि कराए गए हैं

खनन गोपालन मंत्री की विशेष आस्था/ राजस्थान के खनन गोपालन मंत्री प्रमोद भाया जैन की नगरकोट माताजी में विशेष आस्था है उनके द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्रों में दुर्गा पाठ आदि का आयोजन कराया जाता है एवं मंदिर का जीर्णोद्धार आदि में उनका विशेष योगदान रहा है जैन 1998 से नगरकोट माता जी के मंदिर पर आस्था हुई आज भी जब भी शाहाबाद क्षेत्र का दौरा होता है तो नगरकोट माता जी के मंदिर दर्शन करने पहुंचते हैं।

सिंह द्वार के पास बनी पेंटिंग आकर्षण का प्रमुख केंद्र/ नगरकोट माता जी के मंदिर सिंह द्वार के बाद चारों तरफ बाउंड्री हो रही है उस बाउंड्री पर बारा जिले के दर्शनीय स्थलों की पेंटिंग की गई है जो बाहर से आने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है साथ ही बारा जिले का पर्यटन दृष्टि से महत्व उजागर करती है जिसमें शाहाबाद के दर्शनीय स्थल पिंडाशल खो शिवलिंग, शाहबाद किला. शाही जामा मस्जिद. कुंडा खो जलप्रपात. सहरिया स्वांग शेरगढ़ किला. बड़ा बालाजी धाम. अन्नपूर्णा माता मंदिर किशनगंज. लक्ष्मण कुंड सीताबाड़ी केलवाड़ा. शनि बोरली आदि की चित्रकारी दीवाल पर की गई है जिससे बारा जिला के दर्शन उस दीवाल पर कराए गए हैं।

पहुंचने के लिए शुभम है रास्ता// नगरकोट माता जी के मंदिर पर पहुंचने के लिए पहले रास्ता नहीं था घाटी और पत्थरों के बीच से लोग निकल कर जाया करते थे इसके बाद इस रास्ते को ठीक प्रमोद भाया जैन द्वारा कराया गया था जिससे अभी रास्ता शुभम हो गया है और भक्त गण आसानी से अपनी फोर व्हीलर मोटरसाइकिल आदि से पहुंचते हैं बस स्टैंड से उतरते ही सीधा रास्ता माताजी तक पहुंचता है शाहाबाद बस स्टैंड से दूरी लगभग 1 किलोमीटर से अधिक है सप्तमी के दिन लोग पैदल गाड़ियों से माता जी के मंदिर पर पहुंचते हैं

शाहाबाद कस्बे में आज तक नहीं लूट// पुराने समय में चोर जंगलों में रहकर ही बड़े बड़े कस्बो मैं आकर लूट आदि की चोरी की घटनाएं किया करते थे परंतु आज तक शाहाबाद कस्बे को कोई भी चोर डकैत लूट नहीं पाया जबकि पुराने जमाने जमाने के जाने-माने डाकू अमृतलाल हीरा सिंह माधव सिंह आदि भी शाहाबाद कस्बे को लूट नहीं पाए ऐसी मान्यता है बुजुर्ग बताते हैं जैसे ही शाहाबाद कस्बे में चोरी करने के लिए पहाड़ी से नीचे डकैत उतरते थे तो अंधे हो जाया करते थे और वापस लौटने पर उन्हें दिखाएं देने लगता था परकोटे के बाहर नगरकोट की स्थापना गांव की सुरक्षा कस्बे की सुरक्षा केले की सुरक्षा आदि को देखते हुए की गई थी।

लाल बुखार से लोगों की रक्षा की// कस्बे के बुजुर्ग शिव शंकर शर्मा रामजी लाल शर्मा रामचरण माली लक्ष्मी नारायण यादव हरिशंकर शर्मा आदि के द्वारा बताया गया कि हमने हमारे पूर्वजों से सुनते आ रहे हैं कि पुराने समय में एक बार कस्बे में लाल बुखार फैला था जो महामारी की तरह फैल चुका था उस समय इतनी चिकित्सा आदि की सुविधाएं भी नहीं थी उस समय कस्बे के लोगों द्वारा घनघोर जंगल में उस समय माता जी का मंदिर था आराधना की उससे तुरंत कस्बे की महामारी शांत हुई और लोगों को राहत मिली क्षेत्र के लोग कनक दंडवत करते हुए मंदिर पहुंचते हैं मंदिर मैं चैत्र नवरात्रा में दूर दूर से लोग आते हैं और अपनी मन्नत पूरी होने पर कन्या भोज आदि कराया जाता है

वर्जन नगरकोट माताजी पर घनघोर जंगल मैं कई बार नवरात्रा बैठने का अवसर मिला उस समय जंगल इतना था कि एक अकेला व्यक्ति रात को रोक नहीं सकता था एवं रात्रि के समय नवरात्रों में शेर माता जी के दर्शन करने आता था एवं शेर की आवाज आसपास सुनाई देती थी मांगी गई मन्नत पूरी होती है
परमानंद यादव शाहाबाद

वर्जन पूरे क्षेत्र से नवरात्रों के समय में लोग दर्शन करने आते हैं नगरकोट माता जी के दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं
महावीर प्रसाद शर्मा शाहाबाद

वर्जन चैत्र मास के नवरात्रों में रामनवमी के दिन मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं और कस्बे के अखाड़ों से निशान लेकर माता के दरबार में पहुंचते हैं और विधिवत पूजा अर्चना की जाती है
दुलीचंद माली निवासी शाहाबाद

वर्जन कई पीढ़ियों से हमारे परिवार के नगरकोट माता जी मंदिर की सेवा पूजा करते आ रहे हैं पहले लोग रास्ता सुगम नहीं होने के कारण कमाते थे अब हजारों श्रद्धालु नवरात्रों में दर्शन करने पहुंचते हैं
भीमा शंकर व्यास मंदिर पुजारी/ प्रमोद व्यास निवासी शाहाबाद

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