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शाहाबाद. मन से त्यागें मृत्यु भोज: मृत्यु भोज गलत, ठोस निर्णय लेकर सामाजिक बदलाव नीरज शर्मा की माताजी का निधन,शर्मा व परिजनों ने मृत्युभोज की जगह मुक्तिधाम के विकास को लेकर 51 हज़ार की राशि समर्पित

 

शाहाबाद. मन से त्यागें मृत्यु भोज: मृत्यु भोज गलत, ठोस निर्णय लेकर सामाजिक बदलाव नीरज शर्मा की माताजी का निधन,शर्मा व परिजनों ने मृत्युभोज की जगह मुक्तिधाम के विकास को लेकर 51 हज़ार की राशि समर्पित शाहाबाद कस्वे में एक समाजसेवी ने मुक्ति धाम के विकास एवं रुढ़ियों को समाप्त करने की दिशा में लोगों को संदेश देते हुए 51000 हजार की राशि मुक्ति धाम विकास हेतु दी। समाजसेवी नीरज शर्मा की माताजी शान्ति शर्मा का 91 वर्ष की आयु में देहांत गुरुवार को हो गया था जिसका अंतिम संस्कार शाहाबाद के मुक्ति धाम में किया गया। उनके पुत्र ने अपनी माताजी के अंतिम संस्कार के बाद माताजी के मृत्युभोज की जगह 51000 की राशि मुक्ति धाम के विकास के लिए समर्पित की नीरज शर्मा के इस प्रयास का परिजनों समेत शाहाबाद वासियों ने स्वागत करते हुए कहा कि अपने दिवंगत परिजनों के भोज जैसी रुढ़ियों को छोड़कर उनकी याद में मुक्ति धाम के विकास के लिए राशि देने से एक नई परम्परा की शुरुआत होगी जिससे धाम का समुचित विकास हो सकेगा।

मन से त्यागें मृत्यु भोज:शास्त्र सम्मत नहीं है मृत्युभोज-स्थानीय प्रबुधजनों ने कहा- इन कुरीतियों को स्वरूप तो बदल ही सकते हैं। छोटे रूप में विधि-विधान के साथ पिंडदान, पांच ब्राह्मणों को भोजन कराकर मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए कर सकते हैं। जरूरी नहीं कि हम सैकड़ों का भोज कराएं।

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