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एक वर्ष से लटका हुआ है ताला आयुर्वेदिक औषधालय का नहीं मिल रहा क्षेत्र के लोगों को लाभ…..

रिपोर्ट अखिलेश शर्मा

एक वर्ष से लटका हुआ है ताला आयुर्वेदिक औषधालय का नहीं मिल रहा क्षेत्र के लोगों को लाभ…..

शाहाबाद. उपखंड मुख्यालय शाहाबाद पर आयुर्वेदिक औषधालय जो शाहाबाद के चिकित्सालय के एक कमरे में संचालित है पिछले विगत 1 वर्ष पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक रिटायर्ड हो जाने के बाद नहीं खुला ताला और ना ही आयुर्वेदिक औषधालय पर कोई है सरकारी नंबर कोई भी लिखा हुआ नहीं है जिससे कि संपर्क किया जा सके जबकि कोरोना काल में आयुर्वेदिक काढ़ा बहुत असरकारक माना था और पिछले वर्ष आयुर्वेदिक चिकित्सालय की ओर से शाहाबाद कस्बे में एवं अन्य जगह काढा पिलाने का काम किया गया था जिससे लोगों को बहुत लाभ हुआ था औषधालय में कोई भी कर्मचारी नहीं होने की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है जबकि सरकार द्वारा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में औषधालय इसलिए खोला गया था कि लोगों को इस चीज का लाभ मिले एवं आयुर्वेदिक दवाओं का किसी प्रकार कोई साइड इफेक्ट नहीं होता इसलिए कोरोना का के समय से आयुर्वेदिक दवाओं पर लोग ज्यादा भरोसा करने लगे हैं

जहां केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह के प्रयास किए जा रहे हैं और आयुर्वेद के प्रति लोगों की रुचि बढ़ी है परंतु लापरवाही के चलते लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाभ नहीं मिल पा रहा खासकर सबसे अधिक बुजुर्गों को परेशानी हो रही है और लोग जिला मुख्यालय से दवा लाने के लिए मजबूर हो रहे हैं कस्बे के लोगों ने आरोप लगाया की शाहाबाद कस्बे में ऑफिस कार्यालय तो खोल दिए जाते हैं परंतु उनमें पर्याप्त कर्मचारी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है ऐसे कार्यालय खोलने से क्या मतलब जहां पर कोई कर्मचारी ना हो और जिस पर ताला लटका नजर आए जबकि आयुर्वेदिक औषधालय खोलें 5 वर्ष से अधिक समय हो गया है और स्थाई भवन भी आयुर्वेदिक औषधालय का नहीं है और ना ही उस पर सरकार द्वारा ध्यान दिया जा रहा जबकि आयुर्वेदिक औषधालय खोला गया था कोरोना काल में मरीजों की संख्या भी बढ़ी लेकिन कई बार जानकारी के अभाव में चिकित्सालय पर ताला लटका देख लोग मायूस होकर लौट रहे हैं

आयुर्वेदिक दवाओं के लिए लोग होते हैं परेशान-आयुर्वेदिक औषधालय नहीं खुलने से लोग आयुर्वेदिक दवाओं के लिए परेशान होते नजर आते हैं ताला लटका होने के कारण लोग वापस लौट आते हैं जबकि आयुर्वेदिक कोरोना काल में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और लोगों का विश्वास भी आयुर्वेदिक दवाओं के प्रति बड़ा है जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी अनेक प्रकार की बीमारियों से संबंधित दवाओं के लिए आयुर्वेदिक पाउडर आदि का प्रयोग कर रहे हैं

आयुर्वेदिक दवाओं के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा-
कस्बे के वरिष्ठ नागरिक रामचरण माली शिखर चंद जैन मदनलाल शर्मा निसार अहमद परमसुख जंगम राजकुमार नामदेव हरिशंकर शर्मा आदि के द्वारा बताया गया क्षेत्र में आयुर्वेदिक दवाओं औषधियों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है आज भी आयुर्वेद चिकित्सा पर लोग भरोसा करते हैं बाहर से लोगों को आयुर्वेदिक दवाएं लानी पढ़ रही हैं जबकि उपखंड मुख्यालय शाहाबाद के आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर ताला लटका हुआ है

कोई सूचना सरकारी नंबर भी नहीं- जिस कमरे में आयुर्वेदिक चिकित्सालय संचालित है उसके कमरे के बाहर आयुर्वेदिक चिकित्सक या किसकी ड्यूटी है कौन कर्मचारी है किसी का कोई भी नंबर नहीं लिखा ना ही किसी बड़े अधिकारी आयुर्वेद विभाग का नंबर लिखा है जिससे कि जानकारी ली जा सके

अलग भवन में संचालित हो आयुर्वेदिक चिकित्सालय- कस्बे के वरिष्ठ नागरिक लक्ष्मी नारायण यादव रामचरण माली नेमीचंद जैन बाबूलाल मेहता मदन लाल शर्मा राजकुमार नामदेव आदि ने मांग की है कि शाहाबाद कस्बे में संचालित आयुर्वेदिक चिकित्सालय को अलग भवन में संचालित किया जाना चाहिए जिससे जिस सरकारी चिकित्सालय के कमरे में आयुर्वेदिक औषधालय संचालित है वह मरीजों के काम आ सकेगा आयुर्वेदिक औषधालय के लिए अन्य कोई भवन मैं चलाया जाए जिससे लोगों को जानकारी बढ़ेगी अधिक लोग पहुंचेंगे जिससे क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा और आयुर्वेदिक दवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा

वहीं भाजपा मंडल अध्यक्ष आनंद गोयल महामंत्री राजेंद्र सिंह तोमर अरविंद कुमार शर्मा विनोद वैष्णव हेमंत खत्री आदि ने मांग की है कि आयुर्वेदिक विभाग के पास कर्मचारियों की कमी है तो वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जिन आयुर्वेदिक चिकित्सकों की पेंशन हो चुकी है उन्हें लगाया जाए जिससे कि क्षेत्र के लोगों को अभी लाभ मिल सके क्योंकि आयुर्वेदिक औषधियों का कहीं कोई साइड इफेक्ट नहीं है और जब से कोरोना काल चला है तब से आयुर्वेदिक गाढ़े के प्रति लोग काफी उपयोग कर रहे हैं

क्या कहते हैं ग्रामीण -आयुर्वेदिक चिकित्सालय में चिकित्सक एवं कर्मचारी नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है आयुर्वेद दवाओं के लिए लोग दर-दर भटक रहे हैं मांग करते हैं कि शीघ्र आयुर्वेदिक चिकित्सक लगाया जाए

मनोज सोनी समाज सेवी शाहाबाद
1 वर्षों से अधिक समय से आयुर्वेदिक चिकित्सक का पद रिक्त है यदि सरकार के पास आयुर्वेदिक चिकित्सक नहीं हैं तो वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जिन आयुर्वेदिक चिकित्सकों की पेंशन हो गई की है उन्हें लगाया जाए

आयुर्वेदिक चिकित्सक का पद रिक्त होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है आयुर्वेदिक दवाएं नहीं मिल पा रही लोग जिला मुख्यालय से दवा मंगवाने के लिए मजबूर हो रहे हैं
सीताराम बामणिया समाजसेवी शाहाबाद

आयुर्वेदिक चिकित्सालय शाहाबाद चिकित्सालय के एक कमरे में संचालित है हम मांग करते हैं कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय को अलग से बिल्डिंग की व्यवस्था कराई जाए जिससे कि लोगों को अधिक लाभ मिल सके

अरविंद कुमार शर्मा मंडल महामंत्री भा जा पा शाहाबाद

 

शाहाबाद में संचालित आयुर्वेदिक औषधालय से लोगों को लाभ मिल रहा था परंतु 1 वर्ष से से बंद होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इसकी हम मांग करते हैं कि शीघ्र पद भरे जाने चाहिए
नेमीचंद जैन निवासी शाहाबाद

आयुर्वेदिक औषधालय में चिकित्सक की कमी के चलते ताला लगा हुआ है इस संबंध में आयुर्वेदिक चिकित्सक लगाने के लिए प्रयास किया जाएगा आयुर्वेद विभाग को लिखा जाएगा
उप प्रधान कौशल राठौर पंचायत समिति शाहाबाद

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