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बारां जिले के किशनगंज विधानसभा क्षेत्र में मां बाड़ी केंद्रों में पढ़ने वालों बच्चों के सिर ऊपर से छत गायब,सहरिया परियोजना विभाग के माध्यम से स्वच्छ परियोजना विभाग कर रहा है मां बाड़ी केंद्र संचालन,प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं होने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय, सहरिया समाज के लोगोंं मे बना रोष…..

रिपोर्ट अनिल भार्गव
शाहबाद(बारां) :- एक और तो सरकार तरह-तरह की योजनाएं संचालित करने के लिए लाखों करोड़ों रुपए का बजट जारी कर सहरिया उत्थान के दावे और शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का भरसक प्रयास करने में लगी हुई है ताकि किशनगंज विधानसभा क्षेत्र में निवास करने वाले सहरिया समुदाय के बच्चों का पढ़ लिख कर शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ कर अपना भविष्य सवार सकें लेकिन सहरिया परियोजना विभाग और स्वच्छ परियोजना विभाग के कागजी रिकॉर्ड में सहरिया बच्चों में शिक्षा का बढ़ावा देने के दावे जोरों पर फल फूल रहे हैं और सरकार से भी जमकर बजट दिया जा रहा है जिसका सहरिया क्षेत्र में जमकर बंदरबांट हो रहा है और धरातल पर स्थिति कुछ और ही बयां हो रही है यह कुछ मां बाड़ी केंद्र की तस्वीरें हैं जो सहरिया क्षेत्र में संचालित मां बाड़ी केंदों की बदहाली के आंसू बहा रही हैं और जमकर भोले भाले सहरिया परिवारों के बच्चों का शोषण हो रहा है इस मामले को कई बार सहरिया समाज के लोगों ने जिम्मेदारों को और सहरिया परियोजना अधिकारी को अवगत करा दिया है लेकिन मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है और उच्च अधिकारियों द्वारा इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया जाता है इसके चलते सहरिया समुदाय के लोगों में रोष बना हुआ है।
मां बाड़ी केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों के सिर से छत गायब
आदिवासी अंचल क्षेत्र में कितने
मां बाड़ी केंद्रों का हो रहा संचालन:——
विधानसभा क्षेत्र में 274 मां वाड़ी केंद्र हैं संचालित हैं जन्म 615 शिक्षा सहयोगी लगे हुए हैं जो मां बाड़ी केंद्र में अपनी सेवाएं देकर सहरिया समुदाय के बच्चों को शिक्षित बनाने का काम कर रहे हैं लेकिन शिक्षा के मंदिर हैं उनकी तस्वीर भी हैरतअंगेज करने वाली दिखाई दे रही हैं बच्चों को पढ़ने के लिए भवन हैं उन में बैठकर बच्चे पढ़ाई तो कर रहे हैं लेकिन ऊपर से छत गायब है ऐसी तस्वीरें एकाएक सहरिया क्षेत्र में विकास के दावों की और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की पोल खोल दी दिखाई देती हैं अगर मां बाड़ी केंद्र की समस्या मां बाड़ी शिक्षा सहयोगी विभाग के उच्चाधिकारियों को बताते हैं तो उनका भी जमकर विभागीय अधिकारियों द्वारा शोषण किया जा रहा है उनको मां बाड़ी केंद्र से हटाने की धमकियां दी जाती हैं या फिर उनका वेतन रोक लिया जाता है ऐसे में मां बाड़ी केंद्र पर शिक्षा सहयोगी कर्मचारियों का भी शोषण हो रहा है स्वच्छ परियोजना विभाग के दो मां बाड़ी शिक्षा सहयोगी अध्यापकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अगर मां बाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति के बारे में कहीं भी शिकायत करते हैं या मुंह खोलते हैं तो हमारा जमकर विभागीय अधिकारियों द्वारा शोषण किया जाता है और हमारा वेतन भी रोक लिया जाता है स्वच्छ प्रवीणा विभाग के मां बाड़ी केंद्र में जमकर अंधा काला कारोबार विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है दो मां बाड़ी शिक्षा सहयोगियों का करीब पांच 6 महीने से वेतन रोक रखा है इस संबंध में शायरियां परियोजना अधिकारी राहुल मल्होत्रा और विधायक निर्मला सहरिया को भी कई बार अवगत करा दिया है लेकिन अभी तक मां बाड़ी शिक्षा सहयोगीयो का भुगतान स्वच्छ परियोजना विभाग द्वारा नहीं किया गया है इसके चलते मां बाड़ी शिक्षा सहयोगी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं और भुगतान के लिए विभागीय अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
मां बाड़ी केंद्र के रसोईघर बदहाल
आदिवासी अंचल क्षेत्र में जन कल्याणकारी योजनाओं की ठीक से नहीं हो रही मॉनिटरिंग:——
आदिवासी अंचल क्षेत्र में संचालित मां बाड़ी केंद्र सहित सरकार कई प्रकार की जनकल्याणकारी योजना सहरिया समुदाय के लोगों के लिए संचालित हो रही हैं उनका ठीक तरीके से मॉनिटरिंग करने वाला कोई आला अफसर दिखाई नहीं देता है इसके चलते सरकार की कई जनकल्याणकारी योजना कागजी रिकॉर्ड में संचालित होकर रफ्तार पकड़ रही हैं और लाखों करोड़ों रुपए का बजट गोलमाल किया जा रहा है इस मामले को लेकर विभाग के जिम्मेदार आला अधिकारी और कर्मचारी मूकदर्शक बने हुए हैं जगदीश सहरिया पूर्व सहरिया कर्मचारी जिला अध्यक्ष, हजारीलाल सहरिया पूर्व जिला परिषद सदस्य,मां बाड़ी शिक्षा सहयोगी अध्यक्ष ने बताया कि सहरिया विकास के नाम पर सरकार जमकर बजट दे रही है ताकि सहरिया समाज का उत्थान हो सके लेकिन विभाग के आला अधिकारी मामले को नजरअंदाज करते हुए सरकारी बजट का दुरुपयोग कर रहे हैं सहरिया परियोजना विभाग के माध्यम से स्वच्छ परियोजना विभाग द्वारा मां बाड़ी केंद्र ओं का संचालन किया जा रहा है और सरकार से आने वाले बजट की लीपापोती कर खानापूर्ति कर सरकार को लाखों करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है इसकी एसीबी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ क्षेत्र के सहरिया समुदाय के लोगों को मिल सके।
मां बाड़ी केंद्र ऊपर पानी की समस्या:—-
आदिवासी अंचल क्षेत्र में 274 मारवाड़ी केंद्रों का संचालन हो रहा है जिन पर पानी की कोई व्यवस्था नहीं है ऐसे में मां बाड़ी केंद्र पर अध्ययन करने वाले बच्चों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है इसके चलते कई बच्चे तो स्कूल तक नहीं पहुंच पाते हैं जबकि स्वच्छ परियोजना विभाग द्वारा मां बाड़ी केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों को पानी सुविधा मुहैया कराने के और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के झूठे बिल सरकार को भेज कर बजट पास करा लिया जाता है लेकिन धरातल पर स्थिति उल्टी नजर आ रही है।
क्या कहते हैं जागरूक लोग और जिम्मेदार अधिकारी–
“”आदिवासी अंचल क्षेत्र में मारवाड़ी केंद्रों की स्थिति बहुत ही दयनीय बनी हुई है इस संबंध में कई बार सहरिया परियोजना अधिकारी राहुल मल्होत्रा और स्वच्छ परियोजना अधिकारी इंद्रजीत सोलंकी को अवगत करा चुके हैं लेकिन मां बाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं में अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है मां बाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों का शोषण हो रहा है यह निंदनीय है।
जगदीश सहरिया पूर्व सहरिया कर्मचारी जिला अध्यक्ष
“”शाहबाद उपखंड मुख्यालय पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर राहुल मल्होत्रा को सरकार ने नियुक्त कर रखा है ताकि जन कल्याणकारी योजना का संचालन ठीक से हो और प्रभावी रूप से मॉनिटरिंग हो और उनका समाधान भी हो लेकिन मां वाड़ी केंद्रों की स्थिति के बारे में कोई ध्यान नहीं है इनको प्रभावी रूप से आदिवासी अंचल क्षेत्र में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग करना चाहिए और लापरवाह कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
हजारीलाल सहरिया पूर्व जिला परिषद सदस्य
“”आदिवासी अंचल क्षेत्र में मां वाड़ी केंद्रों की समस्याओं को स्वच्छ परियोजना अधिकारी इंद्रजीत सोलंकी को बताते हैं तो मा वाड़ी शिक्षा सहयोगियों का वेतन रोक लिया जाता है उनको परेशान किया जाता है फील्ड सुपरवाइजर भी आकर परेशान करते हैं इनका व्यवहार ठीक नहीं रहता है इससे कई मा वाड़ी शिक्षा सहयोगी पीड़ित है सहरिया परियोजना अधिकारी को भी अवगत करा दिया है।
राजेंद्र दीवान सहरिया मां बाड़ी संघ अध्यक्ष
“”सहरिया क्षेत्र में कुछ मां वाड़ी केंद्रों पर क्षतिग्रस्त है एस्टीमेट बनाकर भेज दिया है अभी फिलहाल बच्चों को किसी तरह की परेशानी मां बाड़ी केंद्रों पर नहीं है किसी मां वाड़ी शिक्षा सहयोगी को परेशान नहीं किया जा रहा है अगर सुपरवाइजर बदतमीजी मां बाड़ी शिक्षा सहयोगियों से करते हैं तो इसकी जांच कर ऐसे लापरवाह सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इंद्रजीत सोलंकी स्वच्छ परियोजना अधिकारी शाहबाद

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